Navratri 2026: नवरात्रि में अचानक बुझ जाए अखंड ज्योत तो क्या करें? घबराने के बजाय अपनाएं ये उपाय

नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस दौरान भक्त विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं और घरों में कलश स्थापना के साथ मां शैलपुत्री की पूजा करके नौ दिनों के अनुष्ठान की शुरुआत करते हैं। नवरात्रि का समापन मां सिद्धिदात्री की पूजा, हवन और कन्या पूजन के साथ किया जाता है। इस पावन अवसर पर कई श्रद्धालु अपने घरों में अखंड ज्योत भी प्रज्वलित करते हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अखंड ज्योत को देवी मां के प्रति अटूट श्रद्धा, भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। यही वजह है कि इसे नवरात्रि के नौ दिनों तक लगातार जलाए रखने का प्रयास किया जाता है। हालांकि, कई बार घी या तेल की कमी, बाती की समस्या अथवा हवा के कारण ज्योत अचानक बुझ जाती है। ऐसी स्थिति में भक्तों के मन में चिंता होने लगती है और वे इसे अशुभ संकेत समझने लगते हैं। लेकिन घबराने के बजाय शांत मन से पूजा की परंपराओं के अनुसार आगे बढ़ना चाहिए।

अखंड ज्योत बुझ जाए तो क्या करना चाहिए?

1. सबसे पहले मां दुर्गा से क्षमा मांगें

अगर किसी कारणवश अखंड ज्योत बुझ जाए, तो सबसे पहले मन को शांत रखें। हाथ जोड़कर मां दुर्गा का ध्यान करें और अनजाने में हुई भूल के लिए क्षमा प्रार्थना करें। भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार मां से पूजा में हुई त्रुटि को क्षमा करने की विनती कर सकते हैं। धार्मिक आस्था में सच्चे मन से की गई प्रार्थना को विशेष महत्व दिया जाता है।

2. विधि-विधान से दोबारा ज्योत जलाएं

क्षमा प्रार्थना करने के बाद पूजा की व्यवस्था को ठीक करें। दीपक में घी या तेल की मात्रा, बाती की स्थिति और आसपास हवा आने की संभावना की जांच करें। इसके बाद स्वच्छता का ध्यान रखते हुए श्रद्धापूर्वक ज्योत दोबारा प्रज्वलित करें। पूजा के दौरान सुरक्षा का भी ध्यान रखें और दीपक को ऐसी जगह रखें, जहां उसके गिरने या आग फैलने का खतरा न हो।

3. मां दुर्गा के मंत्रों का जाप करें

ज्योत दोबारा जलाने के बाद मां दुर्गा के मंत्रों का जाप कर सकते हैं। अपनी श्रद्धा के अनुसार दुर्गा चालीसा का पाठ करें या मां के किसी सरल मंत्र का स्मरण करें। इससे मन को शांति मिल सकती है और पूजा के प्रति एकाग्रता बनी रहती है।

4. अखंड ज्योत की नियमित देखभाल करें

नवरात्रि के दौरान अखंड ज्योत जलाते समय समय-समय पर उसकी स्थिति पर ध्यान देना जरूरी है। दीपक में पर्याप्त घी या तेल रखें और बाती को सही तरीके से व्यवस्थित करें। दीपक को पर्दे, कागज और अन्य ज्वलनशील वस्तुओं से दूर रखें। उसे सुरक्षित और स्थिर स्थान पर रखना भी आवश्यक है।

क्या अखंड ज्योत का बुझना अशुभ संकेत है?

अखंड ज्योत का बुझना कई बार सामान्य कारणों से भी हो सकता है, जैसे हवा लगना, ईंधन की कमी या बाती का ठीक से न जलना। इसलिए इसे देखकर तुरंत किसी अनहोनी की आशंका करना उचित नहीं है। धार्मिक मान्यताएं अलग-अलग हो सकती हैं, लेकिन ज्योत का बुझना अपने आप में किसी अनिष्ट का प्रमाण नहीं है।

नवरात्रि में पूजा का मूल भाव मां दुर्गा के प्रति श्रद्धा, विश्वास और भक्ति है। ऐसे में किसी अनचाही घटना से घबराने के बजाय पूजा को शांतिपूर्वक आगे बढ़ाएं और अखंड ज्योत की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें।

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