पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी के बीच भारत के लिए राहत की खबर सामने आई है। पिछले 24 घंटे में दो LPG जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत की ओर रवाना हुए हैं। इन दोनों जहाजों में कुल 66,392 मीट्रिक टन रसोई गैस भरी हुई है।
जहाज पर 21 क्रू मेंबर सवार
रिपोर्ट के अनुसार LPG कैरियर ‘सिमी’ बुधवार को होर्मुज से गुजर चुका है। इस जहाज पर 21 क्रू मेंबर सवार हैं और इसके आज गुजरात के कांडला स्थित दीनदयाल बंदरगाह पहुंचने की संभावना है। यह शिप कतर के रास लफान टर्मिनल से LPG लेकर भारत के लिए रवाना हुआ था।
इसी तरह दूसरा जहाज ‘एनवी सनशाइन’ गुरुवार सुबह करीब 9:30 बजे होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित निकल चुका है। इसके भी 18 मई तक न्यू मंगलुरु पोर्ट पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।
बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने जानकारी दी कि LPG टैंकर ‘सिमी’ ने 13 मई को होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित रूप से पार कर लिया था, जबकि दूसरा जहाज ‘एनवी सनशाइन’ 14 मई को इस मार्ग से निकला। क्षेत्र में जारी तनाव और अमेरिका-इजरायल-ईरान के बीच संघर्ष के कारण इस समुद्री रास्ते पर जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है, हालांकि इसके बावजूद अब तक 13 भारतीय जहाज इस रूट से सफलतापूर्वक गुजर चुके हैं।
जानकारी के अनुसार, मार्शल द्वीप ध्वज वाला जहाज ‘सिमी’ करीब 19,965 टन LPG लेकर 16 मई को गुजरात के कांडला बंदरगाह पहुंचा, जबकि वियतनाम ध्वज वाला ‘एनवी सनशाइन’ यूएई के रुवैस रिफाइनरी से 46,427 टन LPG लेकर रवाना हुआ है और इसके 18 मई तक न्यू मंगलूर पोर्ट पहुंचने की संभावना है। दोनों जहाजों का माल इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) के लिए है।
मार्च की शुरुआत से अब तक 12 LPG टैंकर और 1 कच्चे तेल का जहाज समेत कुल 13 भारतीय जहाज इस मार्ग से गुजर चुके हैं। हालांकि, अभी भी खाड़ी क्षेत्र में लगभग 12 भारतीय जहाज फंसे हुए हैं, जबकि कई विदेशी जहाजों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है।