मुंबई के IIT बॉम्बे में 20 वर्षीय छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या का मामला चर्चा में है। छात्र की मौत को लेकर सामने आए आरोपों के बीच महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस घटना पर दुख जताते हुए शिक्षा व्यवस्था में छात्रों पर बढ़ते दबाव और जातिगत मुद्दों को लेकर हो रही राजनीति पर चिंता व्यक्त की।
राज ठाकरे ने कहा कि किसी भी घटना में जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति को दोषी मान लेना उचित नहीं है। उन्होंने IIT प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन और ChatGPT के कथित इस्तेमाल को लेकर छात्र पर आरोप लगाए गए थे। ठाकरे के मुताबिक, परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल को रोकना संस्थान और शिक्षकों की जिम्मेदारी है, लेकिन किसी छात्र को जांच पूरी होने से पहले दोषी मान लेना सही प्रक्रिया नहीं है।
दूसरी ओर, साहिल वाकोडे के परिवार की तरफ से जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों के बाद मामले में जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। राज ठाकरे ने इस पहलू पर भी अपनी बात रखते हुए कहा कि जिस तरह छात्र के खिलाफ लगे आरोपों की जांच जरूरी है, उसी तरह शिक्षकों पर लगाए गए जातिगत उत्पीड़न के आरोपों की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
मनसे प्रमुख ने शिक्षा व्यवस्था में बढ़ते तनाव को गंभीर विषय बताया। उन्होंने कहा कि छात्रों पर पढ़ाई, परीक्षा और भविष्य को लेकर पहले से ही काफी दबाव रहता है। ऐसे मामलों को केवल जातिगत राजनीति तक सीमित करने के बजाय शिक्षा व्यवस्था में मौजूद दबाव और छात्रों की समस्याओं पर भी गंभीरता से चर्चा होनी चाहिए।
राज ठाकरे ने इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच और तथ्यों के सामने आने की जरूरत पर जोर दिया।