अल्मोड़ा: उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले से जमीन और कॉटेज के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। भिकियासैंण क्षेत्र के श्रीकोट माडाली में स्थित 12 नाली जमीन और गैबुआ के 8 कॉटेज के सौदे में एक व्यक्ति से कथित तौर पर 1.56 करोड़ रुपये ठग लिए गए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने सात नामजद आरोपियों सहित कुछ अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर (प्राथमिकी) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
साजिश के तहत कराया सौदा
बरेली रोड की अलकनंदा कॉलोनी के रहने वाले पीड़ित जितेंद्र कुमार गुप्ता ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर मामले की जानकारी दी। जितेंद्र के अनुसार, उनके एक मित्र कैलाश सती ने अपनी बिजनेस पार्टनर सुभ्रा गुप्ता और कुछ अन्य साथियों के साथ मिलकर इस पूरी धोखाधड़ी को अंजाम दिया।
आरोपियों ने 31 जनवरी 2026 को श्रीकोट माडाली की 12 नाली जमीन का सौदा 90 लाख रुपये में तय कराया था। इसी लेनदेन के दौरान दोनों पक्षों के बीच गैबुआ स्थित आठ कॉटेज को लेकर भी एक मौखिक (oral) समझौता हुआ था। कुल मिलाकर इस पूरे सौदे में पीड़ित के साथ डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक का फ्रॉड किया गया, जिसकी तफ्तीश अब पुलिस कर रही है।
पैसे लेकर रजिस्ट्री से मुकरते रहे आरोपी
दोनों प्रॉपर्टीज का कुल सौदा दो करोड़ रुपये में फाइनल हुआ था। शिकायतकर्ता के मुताबिक, उन्होंने तय रकम में से 46 लाख रुपये बैंक ट्रांसफर के जरिए और 1.10 करोड़ रुपये कैश (नकद) देकर कुल 1.56 करोड़ रुपये का पेमेंट आरोपियों को कर दिया था।
बाकी बचे 44 लाख रुपये जमीन की रजिस्ट्री के वक्त दिए जाने थे। पीड़ित का आरोप है कि इतनी बड़ी रकम डकारने के बाद भी आरोपी लगातार टालमटोल करते रहे और रजिस्ट्री कराने से मुकरते रहे।
पीड़ित का आरोप है कि इस साल 28 अप्रैल 2026 को आरोपियों ने साफ शब्दों में रजिस्ट्री करने और पैसे लौटाने से इनकार कर दिया। जब उन्होंने इस बात का विरोध किया, तो आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज की और उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। शिकायत में यह भी बताया गया है कि इसके बाद 7 जून 2026 को दोनों पक्षों के बीच पैसे वापस करने को लेकर एक लिखित समझौता (राजीनामा) हुआ था, लेकिन आरोपियों ने उस लिखित वादे को भी तोड़ दिया।
लगातार मिल रहे धोखे के बाद पीड़ित ने पुलिस की शरण ली। कोतवाली पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुख्य आरोपी कैलाश सती, सुभ्रा गुप्ता, रेखा सती, गौरव सती, स्वाती, रवि कुमार और नंदन सिंह बोरा सहित कुछ अन्य लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। शिकायत में यह गंभीर बात भी सामने आई है कि मामले के मुख्य आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और उनके खिलाफ पहले से भी जमीन से जुड़ी धोखाधड़ी के कई केस दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।