फीफा वर्ल्ड कप 2026 का खिताबी मुकाबला तय हो चुका है, जहां खिताब के लिए स्पेन और डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना के बीच भिड़ंत होगी। स्पेन ने फ्रांस को हराकर फाइनल का टिकट कटाया, तो वहीं दूसरे रोमांचक सेमीफाइनल में अर्जेंटीना ने आखिरी मिनटों में दो गोल दागकर इंग्लैंड को 2-1 से मात दी। लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुंचकर अर्जेंटीना के खिलाड़ी बेहद उत्साहित थे, लेकिन इसी जश्न के दौरान उनसे एक ऐसी बड़ी गलती हो गई जो उन पर भारी पड़ सकती है।
फॉकलैंड आइलैंड्स का बैनर दिखाकर फंसे खिलाड़ी
इंग्लैंड पर जीत के बाद मैदान पर जश्न मनाते समय अर्जेंटीना के खिलाड़ियों ने ‘फॉकलैंड आइलैंड्स’ (जिस पर ब्रिटेन और अर्जेंटीना के बीच पुराना राजनीतिक विवाद है) से जुड़ा एक विवादित बैनर प्रदर्शित कर दिया। फीफा के सख्त नियमों के मुताबिक, फुटबॉल के मैदान पर किसी भी तरह के राजनीतिक, धार्मिक या व्यक्तिगत संदेश या प्रतीकों को दिखाना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
खतरे में पड़ सकती है अर्जेंटीना की मुश्किलें?
नियमों के उल्लंघन की वजह से अब विश्व फुटबॉल की गवर्निंग बॉडी (FIFA) अर्जेंटीना के खिलाड़ियों और उनकी टीम के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकती है। खेल में इस तरह के राजनीतिक प्रदर्शनों पर फीफा भारी जुर्माना लगाने से लेकर खिलाड़ियों पर बैन तक लगा सकता है। अब देखना यह होगा कि फाइनल से ठीक पहले फीफा इस मामले पर क्या कड़ा एक्शन लेता है, जिससे अर्जेंटीना की खिताबी उम्मीदों को झटका भी लग सकता है।
ग्लैंड को 2-1 से हराकर फाइनल में पहुंचने के बाद अर्जेंटीना के खिलाड़ियों का जश्न अब एक बड़े विवाद में तब्दील हो चुका है। अटलांटा के मैदान पर मैच खत्म होने के ठीक बाद अर्जेंटीना के मिडफील्डर जियोवानी लो सेल्सो और डिफेंडर निकोलस ओटामेंडी ने एक ऐसा बैनर लहराया, जिसने खेल के मैदान पर राजनीतिक भूचाल ला दिया है।
क्या लिखा था उस विवादित बैनर पर?
मुकाबला जीतने के बाद लो सेल्सो और ओटामेंडी ने हाथ में एक बैनर थामा, जिस पर स्पैनिश भाषा में लिखा था— ‘Las Malvinas son Argentinas’ (लास माल्विनास अर्जेंटीना के हैं)। दरअसल, यह बैनर फॉकलैंड आइलैंड्स (जिसे अर्जेंटीना में माल्विनास कहा जाता है) पर अर्जेंटीना के संप्रभुता के दावे को दर्शाता है। इस द्वीप को लेकर अर्जेंटीना और ब्रिटेन (इंग्लैंड) के बीच पुराना राजनीतिक व सैन्य विवाद रहा है। इंग्लैंड को हराने के बाद ठीक उसी देश के खिलाफ ऐसा बैनर दिखाना एक सोची-समझी राजनीतिक प्रतिक्रिया माना जा रहा है।
FIFA और IFAB के कड़े नियम, हो सकती है बड़ी कार्रवाई
फुटबॉल के मैदान को राजनीति से दूर रखने के लिए गेम के नियम बनाने वाली संस्था IFAB (इंटरनेशनल फुटबॉल एसोसिएशन बोर्ड) और फीफा (FIFA) के बेहद सख्त कानून हैं।
नियमों के तहत पाबंदी: खेल के दौरान या मैच खत्म होने के तुरंत बाद मैदान पर किसी भी तरह के राजनीतिक झंडे, नारे, प्रतीक या संदेश प्रदर्शित करने पर पूरी तरह रोक है।
एक्शन की तैयारी: IFAB के नियमों के मुताबिक, इस तरह का उल्लंघन करने पर दोषी खिलाड़ी या पूरी टीम के खिलाफ संबंधित कॉम्पिटिशन ऑर्गनाइज़र या फीफा सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकता है। ऐसे