उत्तराखंड के प्रसिद्ध **बद्रीनाथ धाम** में दान और चढ़ावे की राशि में कथित वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आने के बाद प्रशासन और मंदिर समिति दोनों हरकत में आ गए हैं। इस मामले ने राज्यभर में चर्चा तेज कर दी है। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। इसी बीच इस मामले से जुड़ी एफआईआर भी सामने आई है, जिसमें विस्तार से बताया गया है कि कथित गड़बड़ी कैसे हुई, उसका पता कैसे चला और आरोपी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई क्यों की गई।
सोशल मीडिया पर मिली शिकायत से शुरू हुई जांच
एफआईआर के अनुसार, **2 जुलाई 2026** को **श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति** को सोशल मीडिया के माध्यम से सूचना मिली कि बद्रीनाथ मंदिर में थाली भेंट (दान) की गणना के दौरान वित्तीय अनियमितता हुई है। शिकायत मिलने के बाद मंदिर समिति ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल विभागीय जांच के लिए एक समिति का गठन किया। समिति ने उपलब्ध रिकॉर्ड, संबंधित दस्तावेजों और कर्मचारियों से पूछताछ के आधार पर प्राथमिक जांच शुरू की।
प्राथमिक जांच में सामने आईं अनियमितताएं
प्राथमिक जांच रिपोर्ट में दावा किया गया कि मंदिर समिति के कर्मचारी **प्रमोद नौटियाल** की भूमिका प्रथम दृष्टया संदिग्ध पाई गई। जांच के दौरान यह आरोप सामने आया कि सुबह करीब **9 बजे से 9:30 बजे** के बीच उन्होंने कथित तौर पर **थाली भेंट गणना स्थल** से धनराशि को नियमों के विपरीत अपने कब्जे में लिया। रिपोर्ट में कहा गया कि यह राशि निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना वहां से हटाई गई, जिसके बाद मामले को वित्तीय अनियमितता माना गया।
निजी हित के लिए धनराशि ले जाने का आरोप
एफआईआर में उल्लेख है कि जांच के दौरान ऐसे तथ्य सामने आए, जिनके आधार पर संबंधित कर्मचारी पर मंदिर की धनराशि को कथित तौर पर निजी हित में अपने साथ ले जाने का आरोप लगाया गया। प्राथमिक जांच रिपोर्ट के आधार पर पहले उन्हें निलंबित किया गया और बाद में उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर दी गई। अब पुलिस और संबंधित एजेंसियां मामले की आगे की जांच कर रही हैं।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर बनी उच्चस्तरीय समिति
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री **पुष्कर सिंह धामी** के निर्देश पर तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है। इस समिति की अध्यक्षता **गढ़वाल मंडल के आयुक्त आनंद स्वरूप** करेंगे। समिति को बद्रीनाथ धाम में प्राप्त दान और चढ़ावे से जुड़ी सभी वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर **15 दिनों के भीतर** अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपने का निर्देश दिया गया है।
आरोपी कर्मचारी को किया गया निलंबित
इधर, श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने विभागीय जांच की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर **प्रमोद नौटियाल** को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वह समिति के अध्यक्ष कार्यालय में **निजी सहायक (Personal Assistant)** के पद पर कार्यरत थे। अब मामले की विस्तृत जांच जारी है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी।