वेनेजुएला में भूकंप का कहर: 235 मौतें, 39,000 लोग अब भी लापता, राहत कार्य जारी

 

वेनेजुएला में बुधवार रात आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंपों ने भारी तबाही मचा दी। कुछ ही मिनटों के अंतराल में आए इन झटकों के कारण अब तक कम से कम 235 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सरकार के मुताबिक करीब 39,000 लोग अब भी लापता हैं। इसके अलावा सैकड़ों लोग घायल हुए हैं और कई इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य जारी है।

मलबे में दबे लोगों की तलाश जारी है और कई जगहों से अब भी मदद के लिए लोगों की आवाजें सुनाई दे रही हैं। अधिकारियों को आशंका है कि मृतकों की संख्या आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है।

भूकंप का सबसे ज्यादा असर राजधानी काराकस पर पड़ा है, जहां देश का मुख्य हवाई अड्डा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। एयरपोर्ट को हुए नुकसान के कारण राहत सामग्री और बचाव दलों को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाने में काफी मुश्किलें आ रही हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह भूकंप वेनेजुएला में पिछले एक सदी से अधिक समय में आए सबसे शक्तिशाली भूकंपों में से एक माना जा रहा है, जिसने देश के कई हिस्सों को गहरे संकट में डाल दिया है।

 अब कैसे हैं हालात?

भूकंप के बाद वेनेजुएला में हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। इस बीच अमेरिका में रहने वाले वेनेजुएलावासी अपने देश की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। गुरुवार को उन्होंने राहत सामग्री जुटाने के लिए डोनेशन ड्राइव शुरू करने की पहल की।

साल 1995 में वेनेजुएला से अमेरिका आए सेल्स मैनेजर टोरेस ने बताया कि डोराल में रह रहे वेनेजुएलावासियों के समूह लगातार राहत पहुंचाने की कोशिश में जुटे हैं। उनके मुताबिक, लोग धनराशि, दवाइयां, पीने का पानी और अन्य जरूरी सामान इकट्ठा कर रहे हैं, ताकि प्रभावित लोगों तक जल्द से जल्द मदद पहुंचाई जा सके।

टोरेस ने कहा कि राहत सामग्री की पहली खेप को यथाशीघ्र वेनेजुएला भेजने की तैयारी की जा रही है और समुदाय के लोग बड़े पैमाने पर इस अभियान में सहयोग कर रहे हैं।

 हजारों लोग अब भी लापता

भूकंप के बाद सामने आई तस्वीरें तबाही की भयावह कहानी बयां कर रही हैं। कई स्थानों पर धूल और खून से सने बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और यहां तक कि जानवरों को भी कंक्रीट के मलबे से बाहर निकाला जा रहा है। मृतकों और घायलों की बढ़ती संख्या के बीच हजारों लोग अब भी लापता हैं, जिससे विदेशों, खासकर अमेरिका में रह रहे उनके परिजनों की चिंता बढ़ गई है। वे अपने प्रियजनों की जानकारी पाने के लिए लगातार अधिकारियों और राहत एजेंसियों से संपर्क कर रहे हैं।

इस मानवीय संकट के बीच प्रभावित इलाकों में चिकित्सा सामग्री की भारी कमी देखी जा रही है। घायलों के उपचार के लिए फर्स्ट एड किट, गॉज, बैंडेज, एंटीसेप्टिक दवाएं, डिस्पोजेबल ग्लव्स, फेस मास्क, सिरिंज, थर्मामीटर और ब्लड प्रेशर मॉनिटर जैसी जरूरी मेडिकल सामग्रियों की मांग तेजी से बढ़ गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *