पटना में चर्चित कोचिंग फायरिंग मामले में फैजल खान उर्फ खान सर को फिलहाल बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उनके खिलाफ किसी भी तरह के बल प्रयोग और दंडात्मक कार्रवाई पर रोक बरकरार रखी है। इस बीच पुलिस ने मामले से जुड़ी केस डायरी कोर्ट के समक्ष पेश कर दी है।
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने खान सर को मिली अंतरिम सुरक्षा (Interim Protection) की अवधि को अगली सुनवाई तक बढ़ाने का फैसला सुनाया। इसका मतलब है कि अगली निर्धारित तारीख तक उनके खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जा सकेगी और उन्हें कानूनी संरक्षण मिलता रहेगा।
क्या है पूरा मामला?
विवाद की शुरुआत 2 जून की रात पटना में हुई, जब फैजल खान उर्फ खान सर की कोचिंग के बाहर हंगामे की घटना सामने आई। शुरुआती बयान में खान सर ने दावा किया था कि उनकी कोचिंग के बाहर फायरिंग हुई और कुछ असामाजिक तत्वों या कथित कोचिंग माफिया ने तोड़फोड़ की। हालांकि, मामला तूल पकड़ने के बाद उन्होंने अपने बयान में बदलाव किया।
घटना के बाद ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ा और खान सर का नाम भी विवाद में आने लगा, जिससे उनकी गिरफ्तारी की आशंकाएं तेज हो गईं।
मामला तब और चर्चाओं में आ गया जब रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की नेपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, कोचिंग विवाद से जुड़े मामले में प्रिंस यादव के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
प्रिंस यादव की मौत पर क्या बोले खान सर?
प्रिंस यादव के निधन के बाद खान सर ने एक वीडियो जारी कर शोक व्यक्त किया था। उन्होंने कहा था कि इस पूरे मामले के पीछे किसी साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। साथ ही उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि घटना के समय प्रिंस यादव के साथ मौजूद पांच लोग कौन थे।
खान सर ने अपने वीडियो में कहा था कि वह पीड़ित परिवार की हर संभव मदद के लिए तैयार हैं और जांच एजेंसियों को जो भी सहयोग चाहिए, वह देने को तत्पर हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआत में यह मामला केवल गार्डों के बीच हुए विवाद का था, लेकिन बाद में परिस्थितियां ऐसी बनीं कि विवाद काफी बड़ा हो गया।
फैजल खान उर्फ खान सर बिहार के सबसे लोकप्रिय शिक्षकों में गिने जाते हैं। अपने सरल, रोचक और अनोखे शिक्षण शैली के कारण उन्होंने देशभर में लाखों छात्रों के बीच खास पहचान बनाई है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए वह बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराते हैं।
खान सर की लोकप्रियता सिर्फ शिक्षा जगत तक सीमित नहीं है, बल्कि मनोरंजन और राजनीतिक क्षेत्रों में भी उनकी चर्चा होती रहती है। खास बात यह है कि वह आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को शिक्षा उपलब्ध कराने और युवाओं को अपने लक्ष्यों के प्रति प्रेरित करने के लिए भी जाने जाते हैं।