भारत के खिलाफ ODI सीरीज में 0-3 से क्लीन स्वीप झेलने के बाद अफगानिस्तान की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। टीम के कप्तान हश्मतुल्लाह शाहिदी पर ICC ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए आधिकारिक फटकार लगाई है। चेन्नई में खेले गए तीसरे ODI में शाहिदी ने शानदार शतक जरूर लगाया, लेकिन वह अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके।
मैच के दौरान ICC आचार संहिता (Code of Conduct) का उल्लंघन करने के कारण शाहिदी को यह सजा मिली है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने उनके अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ दिया है। ICC के अनुसार, पिछले 24 महीनों में यह शाहिदी का पहला अनुशासनात्मक अपराध है।
क्या था पूरा विवाद?
चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए तीसरे ODI के दौरान अफगानिस्तान के कप्तान हश्मतुल्लाह शाहिदी ICC के नियमों के उल्लंघन के दोषी पाए गए। उन पर बल्लेबाजी के दौरान पिच को नुकसान पहुंचाने से संबंधित आचार संहिता के अनुच्छेद 2.10.10 का उल्लंघन करने का आरोप लगा। यह नियम खिलाड़ियों को जानबूझकर या लापरवाहीवश पिच को नुकसान पहुंचाने से रोकता है।
मैच के दौरान शाहिदी को पिच के बीच से दौड़ने को लेकर दो बार अनौपचारिक रूप से चेताया गया था। इसके बावजूद जब अफगानिस्तान की पारी का 31वां ओवर चल रहा था, तब अंपायरों ने उन्हें आधिकारिक चेतावनी जारी की। हालांकि, 40वें ओवर में उन्होंने फिर से वही गलती दोहराई और पिच के संरक्षित हिस्से पर दौड़ गए। लगातार चेतावनियों के बावजूद नियमों का पालन नहीं करने पर अंपायरों ने अफगानिस्तान की टीम पर पांच रन की पेनाल्टी लगा दी।
सजा स्वीकार करने पर नहीं हुई सुनवाई
शाहिदी ने अपने ऊपर लगाए गए आरोप को स्वीकार कर लिया और ICC एलीट पैनल के मैच रेफरी रंजन मदुगले द्वारा दी गई सजा को मान लिया। इसी वजह से मामले में किसी औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी। यह आरोप ऑन-फील्ड अंपायर क्रिस गैफनी और रोहन पंडित के अलावा थर्ड अंपायर रिचर्ड इलिंगवर्थ तथा फोर्थ अंपायर वीरेंद्र शर्मा ने दर्ज कराया था।
ICC के नियमों के मुताबिक, लेवल-1 के उल्लंघन में खिलाड़ी को आधिकारिक फटकार, मैच फीस का 50 प्रतिशत तक जुर्माना और एक या दो डिमेरिट पॉइंट दिए जा सकते हैं।