मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और मिसाइल हमलों का असर अब समुद्री मार्गों पर भी दिखाई देने लगा है। ओमान के समुद्री क्षेत्र में एक तेल टैंकर पर हुए मिसाइल हमले के बाद उस पर सवार दर्जनों भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई।
घटना की जानकारी मिलते ही मुंबई स्थित मैरीटाइम रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर (MRCC) सक्रिय हो गया और ओमान के संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर बचाव अभियान शुरू किया गया। संयुक्त प्रयासों के तहत जहाज पर मौजूद 24 भारतीय क्रू सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए त्वरित कदम उठाए गए।
भारतीय तटरक्षक बल ने मंगलवार (9 जून) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि ओमान के सर्च एंड रेस्क्यू रीजन (SRR) में एमटी मारिवेक्स पर मिसाइल हमले के बाद MRCC मुंबई ने तत्काल प्रतिक्रिया दी। तटरक्षक बल ने कहा कि वह क्षेत्रीय देशों के साथ समन्वय बनाकर हिंद महासागर में भारतीय नागरिकों और समुद्री हितों की सुरक्षा के लिए लगातार प्रतिबद्ध है।
आईसीजी ने यह भी रेखांकित किया कि मित्र देशों के साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोग उसकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है, जिससे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में खोज एवं बचाव अभियानों को तेजी और प्रभावशीलता के साथ अंजाम दिया जा सके।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सोमवार को मुंबई स्थित मैरीटाइम रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर (MRCC) को पलाऊ ध्वज वाले तेल टैंकर एमटी मारिवेक्स पर मिसाइल हमले की सूचना मिली। उस समय जहाज ओमान के मसीराह तट के समीप लंगर डाले हुए था।
जहाज पर कुल 24 क्रू सदस्य सवार थे और सभी भारतीय नागरिक थे। हमले की जानकारी MRCC मुंबई तक जहाज पर मौजूद एक क्रू सदस्य के परिजन के माध्यम से पहुंची, जिसके बाद संबंधित एजेंसियों ने तत्काल स्थिति पर नजर रखते हुए आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी।