हरिद्वार की ओर जा रही श्रद्धालुओं की बस को उस समय विवाद का सामना करना पड़ा जब चेकिंग के दौरान उसके आवश्यक दस्तावेज पूरे नहीं पाए गए। जानकारी के अनुसार, एआरटीओ की टीम नियमित जांच के लिए मौके पर पहुंची थी और उन्होंने बस को रोककर चालक से सभी जरूरी कागजात प्रस्तुत करने को कहा। लेकिन चालक मौके पर वैध दस्तावेज दिखाने में असमर्थ रहा।
कार्रवाई के बाद श्रद्धालुओं में नाराजगी, बस अड्डे पर हंगामा
इसके बाद नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए अधिकारियों ने बस को सीज कर दिया। इस कदम के बाद बस में सवार राजस्थान के श्रद्धालु नाराज हो गए और उन्होंने मौके पर विरोध जताना शुरू कर दिया। देखते ही देखते वहां हंगामे की स्थिति बन गई और बस अड्डे पर शोर-शराबा बढ़ गया, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
स्थिति नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने संभाला मोर्चा
स्थिति को बिगड़ते देख एआरटीओ टीम ने हस्तक्षेप किया और यात्रियों को शांत कराने का प्रयास किया। अधिकारियों ने लोगों को नियमों की जानकारी दी और समझाया कि कार्रवाई नियमानुसार की गई है। इसके बाद श्रद्धालुओं को रोडवेज की दूसरी बस में बैठाकर उनके गंतव्य की ओर रवाना किया गया।
हालांकि, इस दौरान कुछ महिला श्रद्धालुओं सहित कई यात्रियों ने एआरटीओ की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि वे धार्मिक यात्रा पर निकले थे और इस कार्रवाई से उनकी भावनाएं आहत हुई हैं। वहीं प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई केवल दस्तावेजों की कमी के कारण नियमों के तहत की गई है।