राज्य कर विभाग की सेंट्रल इंटेलिजेंस यूनिट (CIU) ने सितारा होटल चेन से जुड़े एक प्रतिष्ठित समूह के कई ठिकानों पर एक साथ बड़ी कार्रवाई की। यह छापेमारी देहरादून और हरिद्वार स्थित होटल परिसरों में की गई, जहां अलग-अलग टीमों ने वित्तीय रिकॉर्ड, लेन-देन और दस्तावेजों की विस्तृत जांच की।
फर्जी ITC और संदिग्ध लेन-देन की आशंका
विभाग को पहले से इनपुट मिला था कि होटल समूह कुछ फर्मों के जरिए बिना वास्तविक खरीद और सेवाओं के फर्जी बिलिंग दिखाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का गलत लाभ उठा रहा है। इसी आधार पर जांच को आगे बढ़ाते हुए तीन विशेष टीमों का गठन किया गया और छापेमारी शुरू की गई।
अधिकारियों के पहुंचते ही होटल समूह के कार्यालयों में हलचल और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जांच में यह भी सामने आया कि समूह ने न केवल स्वयं गलत तरीके से ITC का लाभ लिया, बल्कि अपनी सहयोगी कंपनियों को भी इसका फायदा पहुंचाया, जिससे सरकारी राजस्व को नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।
चार करोड़ के कारोबार में अनियमितता के संकेत
प्रारंभिक जांच में लगभग चार करोड़ रुपये के कारोबार में गड़बड़ी के संकेत मिले हैं। टीम ने कई अहम दस्तावेज और रिकॉर्ड जब्त किए हैं, साथ ही डिजिटल साक्ष्य भी एकत्र किए गए हैं।
इसके अलावा कुछ इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच फोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से की जा रही है ताकि पूरे मामले की गहराई से पड़ताल हो सके।
मौके पर 1.72 करोड़ की वसूली, जांच अभी जारी
जांच में कर चोरी के ठोस संकेत मिलने के बाद संबंधित फर्मों ने मौके पर ही 1.72 करोड़ रुपये जमा कराए। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और आगे कर चोरी की कुल राशि और बढ़ सकती है।
वरिष्ठ अधिकारियों की टीम कर रही जांच
इस पूरे मामले की जांच में विभाग की विशेष टीम सक्रिय रही, जिसमें उपायुक्त विनय पांडे, निखिलेश श्रीवास्तव, योगेश मिश्रा सहित कई अधिकारी शामिल रहे। साथ ही अर्जुन सिंह राणा, सहायक आयुक्त योगेश रावत, नितिका नारंग, अविनाश झा, मानवेंद्र सिंह, गार्गी बहुगुणा, राज्य कर अधिकारी शैलेंद्र चमोली, गजेंद्र भंडारी, बिलाल खान और निरीक्षक हेमा पुंडीर नेगी ने भी जांच अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।