लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्षों के दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन किया, इस मौके पर सीएम योगी ने कहा कि पहले लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, चयन बोर्ड और पुलिस भर्ती की परीक्षा में शिकायत और सैकड़ों केस थे I
पुलिस विभाग में डेढ़ लाख पद खाली थे, भर्तियों में भाई-भतीजावाद और जातिवाद था I उन्होंने कहा कि ये सारा खेल सामाजिक न्याय का मुखौटा लगाकर किया जाता था, लेकिन हमने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया I इसमें भेदभाव के लिए कोई जगह नहीं है, अच्छे अधिकारी तैनात किए I छह साल में 1.64 लाख पुलिसकर्मियों की भर्ती की, जिसमें सभी 75 जिलों को प्रतिनिधित्व मिला है I
सीएम ने आगे कहा कि आज उत्तर प्रदेश माफिया के गठजोड़ नहीं, बल्कि महोत्सव प्रदेश के रूप में जाना जाता है I जब पीएम मोदी ने देश का नेतृत्व संभाला तो यूपी में भी छटपटाहट हुई I छह साल में यहां भी बदलाव आया है..प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरे देश के लिए नजीर बनी है I
मुख्यमंत्री ने कहा कि उप्र पहले माफिया के कब्जे में था, अब उप्र का प्रशासन जनता के प्रति संवेदनशील है Iआज ईद का पर्व है, सड़क पर नमाज नहीं पढ़ी जा रही है, कानून सबके लिए समान और जनता का हित सर्वोपरि है I सम्मेलन में संघ लोक सेवा आयोग के वरिष्ठ सदस्य राजीव नयन चौबे, उप्र लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष संजय श्रीनेत, मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र, डीजीपी राजकुमार विश्वकर्मा, अपर मुख्य सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक देवेश चतुर्वेदी के साथ ही देश भर के विभिन्न राज्यों के आयोगों के अध्यक्ष मौजूद हैं I