पटना, बिहार: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कैबिनेट की बैठक की, उन्होंने इस बैठक में 11 एजेंडों पर मुहर लगाई I बिहार सरकार ने मधुबनी के पूर्व जज अशोक कुमार सेवा से बर्खास्त कर दिया है, साथ ही बिहार सरकार ने दरभंगा वासियों को तोहफ दिया गया है, दरभंगा एम्स के लिए जमीन को मंजूरी प्रदान कर दी गई है I
राज्य कैबिनेट में पुलिस से संबंधित एक महत्वपूर्ण फैसला मुजफ्फरपुर और भागलपुर क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला के तहत DNA प्रशाखा को लेकर भी लिया I कैबिनेट की बैठक में नीतीश सरकार ने भागलपुर और मुजफ्फरपुर में DNA टेस्ट लैब खोलने का फैसले पर भी मुहर लगाई I ये पुलिस अनुसंधान से जुड़ा फैसला है, लेकिन इसका असर सीधे-सीधे आम आदमी पर भी दिखेगा I दोनों जगहों पर DNA टेस्ट लैब की एक-एक यूनिट के लिए राजपत्रित और अराजपत्रित कोटि के कुल 14 कर्मियों की भर्ती के लिए पद सृजन किया गया, यौन शोषण से संबंधित अपराध मृतक की पहचान स्थापित करने के लिए बच्चों की चोरी या अदला-बदली जैसे केस में डीएनए लैब की जरूरत पड़ती है, इसके अलावा माता पिता की पुष्टि करने के लिए भी कानून को डीएनए लैब की रिपोर्ट का इंतजार करना पड़ता है I
तो वहीं बिहार पुलिस में प्रमोशनल ट्रेनिंग कोर्स कर चुके सिपाही रैंक वालों को भी अब पुलिस अधिकारियों की तर्ज पर अनुसंधान की शक्ति दी जाएगी, यानी वो भी अब केस के आयोग की भूमिका निभा सकेंगे I