अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे में कथित वित्तीय गड़बड़ी का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। हालांकि, शीर्ष अदालत ने इस मामले में तत्काल सुनवाई की मांग को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने याचिकाकर्ता से सवाल करते हुए पूछा कि आखिर इस मामले में इतनी जल्दबाजी क्यों है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अदालत दोबारा खुलने के बाद इस याचिका पर सुनवाई की जाएगी। ऐसे में अब इस मामले की सुनवाई 12 जुलाई के बाद होने की संभावना है।
अधिवक्ता अजय कुमार राय और दिनेश कुमार यादव की ओर से दायर याचिका में मांग की गई है कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं और प्रशासनिक गड़बड़ियों की जांच के लिए सीबीआई की निगरानी में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया जाए।
याचिकाकर्ता ने क्या कहा?
याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में राम जन्मभूमि ट्रस्ट पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मामला बेहद संवेदनशील और गंभीर है, इसलिए इसकी जल्द सुनवाई जरूरी है। उन्होंने प्रशासन के रवैये पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कई पहलू संदेह पैदा करते हैं। याचिकाकर्ता का यह भी कहना है कि यदि मामले की जल्द जांच नहीं हुई तो सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका बनी रह सकती है।
आज कोर्ट में पेश होंगे आठों आरोपी
राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गबन के मामले में गिरफ्तार सभी आठ आरोपियों को सोमवार (29 जून) को अदालत में पेश किया जाएगा। अयोध्या की एक अदालत ने दो दिन पहले सभी आरोपियों को 29 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। माना जा रहा है कि सुनवाई के दौरान पुलिस आरोपियों की रिमांड की मांग कर सकती है।
गिरफ्तार आरोपियों में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रामशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामाशंकर उर्फ टिन्नू यादव शामिल हैं। ये सभी राम मंदिर में दान के रूप में प्राप्त नकदी और कीमती वस्तुओं की गिनती से जुड़े कार्यों में तैनात थे।
आरोपियों के ठिकानों पर पुलिस की छापेमारी
मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए रविवार (28 जून) को पुलिस ने सभी आठ आरोपियों के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान लव कुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला और रामाशंकर यादव समेत अन्य आरोपियों के घरों की तलाशी ली गई।
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, सूत्रों ने बताया कि तलाशी के दौरान आरोपी मनीष यादव के घर से आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक खातों से जुड़े कई अहम दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस अब इन दस्तावेजों की जांच कर कथित वित्तीय अनियमितताओं के संबंध में और जानकारी जुटाने में लगी हुई है।