वैभव सूर्यवंशी हाल ही में श्रीलंका में चल रही ट्राई सीरीज के दौरान एक विवाद की वजह से सुर्खियों में आ गए। एक मुकाबले के बाद उनकी श्रीलंका के एक खिलाड़ी के साथ तीखी बहस हो गई थी, जो मैदान पर धक्का-मुक्की तक पहुंच गई। घटना के बाद यह अटकलें लगाई जाने लगीं कि युवा बल्लेबाज के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है। हालांकि, अब इस मामले पर स्थिति स्पष्ट हो गई है।
बीसीसीआई ने साफ किया है कि इस तरह की घटनाओं पर फैसला लेना उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता और यह मामला संबंधित टूर्नामेंट अधिकारियों तथा आईसीसी के दायरे में आता है। वहीं, बोर्ड ने वैभव को लेकर एक अहम फैसला भी लिया है। आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के दौरान उनके माता-पिता भी उनके साथ रहेंगे, ताकि युवा खिलाड़ी को बेहतर सहयोग और मार्गदर्शन मिल सके।
श्रीलंका में आयोजित ट्राई सीरीज के दौरान भारत ए और श्रीलंका ए के बीच खेला गया मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। निर्धारित 50 ओवरों के बाद मैच टाई हो गया, जिसके बाद विजेता तय करने के लिए सुपर ओवर खेला गया। इस रोमांचक मुकाबले में भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा। मैच समाप्त होने के बाद मैदान पर माहौल कुछ तनावपूर्ण हो गया, जब वैभव सूर्यवंशी और कुछ श्रीलंकाई खिलाड़ियों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। बताया गया कि लगातार की जा रही टिप्पणियों के जवाब में वैभव ने भी प्रतिक्रिया दी, जिसके बाद स्थिति धक्का-मुक्की तक पहुंच गई। हालांकि, अन्य खिलाड़ियों और अंपायरों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया।
इस घटना के बाद वैभव पर संभावित कार्रवाई को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई थीं, लेकिन अब बीसीसीआई ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। बोर्ड सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि यह टूर्नामेंट पूरी तरह श्रीलंका क्रिकेट के अधिकार क्षेत्र में आयोजित हो रहा है, इसलिए इस मामले में फैसला लेने का अधिकार मैच रेफरी और टूर्नामेंट अधिकारियों के पास है। उन्होंने साफ किया कि बीसीसीआई वैभव के खिलाफ किसी भी तरह की अनुशासनात्मक कार्रवाई पर विचार नहीं कर रहा है। सैकिया के अनुसार, मैदान पर हुई यह घटना खेल के दौरान पैदा हुए तनाव का हिस्सा थी और इसका मूल्यांकन संबंधित अधिकारियों द्वारा ही किया जाएगा।