अमेरिका और ईरान के बीच कई महीनों से जारी तनाव और टकराव को समाप्त करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए दोनों देशों ने बुधवार को एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजे़श्कियन की मौजूदगी में हुए इस समझौते के साथ ही यह तत्काल प्रभाव से लागू हो गया। इस डील को दोनों देशों के बीच करीब चार महीने से चल रहे विवाद और संघर्ष को खत्म करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
ईरान और इस समझौते की मध्यस्थता में शामिल देशों को हस्ताक्षरित दस्तावेज की प्रतियां भेज दी गई हैं। इससे पहले रविवार को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान के प्रमुख वार्ताकार मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से इस समझौता ज्ञापन (MoU) को मंजूरी दी थी।
वहीं, फ्रांस के वर्साय में आयोजित एक विशेष रात्रिभोज के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने औपचारिक रूप से इस समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस मौके पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन भी मौजूद रहे। हस्ताक्षर प्रक्रिया पूरी होने के बाद ट्रंप और मैक्रॉन ने एक-दूसरे से हाथ मिलाया, जबकि वहां मौजूद लोगों ने इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम का स्वागत तालियों की गड़गड़ाहट के साथ किया।
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने समझौते की वह प्रति सार्वजनिक रूप से दिखाई, जिस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर मौजूद थे। तेहरान और वॉशिंगटन के बीच हुए इस समझौता ज्ञापन (MoU) को दोनों देशों के रिश्तों में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। समझौते के लागू होने के साथ ही लंबे समय से जारी तनाव और संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है, जिससे दोनों देशों के बीच शांति बहाली की उम्मीदें बढ़ गई हैं।