केरल में शिगेला संक्रमण का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को इस बीमारी से दो और लोगों की मौत की पुष्टि की, जिसके बाद मृतकों की कुल संख्या बढ़कर पांच हो गई है। बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग संक्रमित मरीजों की निगरानी और उपचार पर विशेष ध्यान दे रहा है।
अधिकारियों के मुताबिक, मलप्पुरम जिले के पूक्कोट्टूर निवासी 7 वर्षीय अर्जव की सोमवार को कोझिकोड सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। बच्चे को तेज बुखार और दस्त की शिकायत के बाद 12 जून को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जांच के दौरान उसमें शिगेला संक्रमण की पुष्टि हुई थी।
वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने यह भी बताया कि त्रिशूर जिले के कोडकारा के 43 वर्षीय एक व्यक्ति की 13 जून को हुई मौत भी शिगेला संक्रमण से जुड़ी थी। इस बीच सोमवार को तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, त्रिशूर, मलप्पुरम, कन्नूर और कोझिकोड जिलों से संक्रमण के 8 नए मामले सामने आए हैं।
स्वास्थ्य सेवा निदेशालय के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष अब तक राज्य में शिगेला संक्रमण के कुल 147 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें से 71 मामले केवल जून महीने में सामने आए हैं, जो संक्रमण के तेजी से फैलने की ओर इशारा करते हैं।
जून में तेजी से बढ़े मामले
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, त्रिशूर जिले के कोडकारा निवासी 43 वर्षीय व्यक्ति की 13 जून को हुई मौत भी शिगेला संक्रमण से संबंधित पाई गई है। वहीं, सोमवार को तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, त्रिशूर, मलप्पुरम, कन्नूर और कोझिकोड जिलों से संक्रमण के 8 नए मामले दर्ज किए गए। इसके साथ ही वर्ष 2026 में राज्य में शिगेला संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 147 तक पहुंच गई है। चिंताजनक बात यह है कि इनमें से 71 मामले केवल जून महीने के दौरान सामने आए हैं।
शिगेला संक्रमण क्या है?
शिगेला एक प्रकार का बैक्टीरिया है, जो शिगेलोसिस नामक आंतों के संक्रमण का कारण बनता है। इस बीमारी के प्रमुख लक्षणों में दस्त, पेट में दर्द या ऐंठन, बुखार और कमजोरी शामिल हैं। यह संक्रमण आमतौर पर दूषित भोजन, संक्रमित पानी या संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलता है। अधिकांश मामलों में बीमारी हल्की होती है, लेकिन छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए यह खतरनाक साबित हो सकती है।
स्वास्थ्य विभाग ने जारी की चेतावनी
संक्रमण और मौतों के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने मलप्पुरम समेत कई जिलों में निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी है। अधिकारियों ने लोगों से स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने, केवल सुरक्षित और साफ पेयजल का उपयोग करने तथा हाथों की नियमित सफाई करने की अपील की है। इसके अलावा यदि किसी व्यक्ति को बुखार, दस्त, उल्टी या मल में खून आने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने को कहा गया है, ताकि संक्रमण को गंभीर होने से पहले नियंत्रित किया जा सके।