प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 से 18 जून 2026 तक फ्रांस की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। इस दौरान उनका कार्यक्रम कई प्रमुख शहरों में निर्धारित किया गया है। वह 13 और 14 जून को नीस में रहेंगे, इसके बाद 16 और 17 जून को एवियन का दौरा करेंगे, जबकि 17 से 18 जून के बीच पेरिस में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।
साल 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद यह नरेंद्र मोदी का सातवां आधिकारिक फ्रांस दौरा होगा। भारत और फ्रांस के बीच हाल के वर्षों में रणनीतिक और आर्थिक सहयोग लगातार मजबूत हुआ है। इसी क्रम में फ्रांस के राष्ट्रपति ने 17 से 19 फरवरी 2026 के बीच भारत का दौरा किया था। उस यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों को और मजबूत करते हुए उन्हें “स्पेशल ग्लोबल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप” के स्तर तक पहुंचाने का फैसला किया था।
अब प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग को नई दिशा देने के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण वैश्विक और द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा के लिए भी अहम मानी जा रही है।
यह दौरा भारत और फ्रांस के बीच लगातार बढ़ रहे उच्चस्तरीय संवाद और मजबूत होते रणनीतिक संबंधों को दर्शाता है। यात्रा का मुख्य उद्देश्य नवाचार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, आर्थिक सहयोग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और लोगों के बीच संपर्क जैसे विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी को और गहरा करना है।
नीस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों संयुक्त रूप से “भारत इनोवेट्स” कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। यह आयोजन भारत, फ्रांस और दुनिया भर के अग्रणी स्टार्टअप्स, उद्यमियों और नवाचार क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों को एक मंच पर लाएगा। भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष (India-France Year of Innovation) के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य दोनों देशों के बीच इनोवेशन इकोसिस्टम को मजबूत करना और नई साझेदारियों को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम में 120 से अधिक भारतीय कंपनियों और स्टार्टअप्स के साथ-साथ फ्रांस और अन्य देशों के प्रमुख उद्योगपति, निवेशक और कॉर्पोरेट जगत के शीर्ष अधिकारी शामिल होने की उम्मीद है।
इसके अलावा, नीस में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों के बीच इस वर्ष की पहली द्विपक्षीय शिखर वार्ता भी होगी। दोनों नेता विभिन्न वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों के साथ-साथ द्विपक्षीय सहयोग के नए अवसरों पर चर्चा करेंगे।
यात्रा के अगले चरण में प्रधानमंत्री मोदी 16 और 17 जून को एवियन में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने उन्हें विशेष रूप से इस सम्मेलन में आमंत्रित किया है। जी-7 में भारत की भागीदारी वैश्विक दक्षिण (Global South) की एक प्रभावशाली आवाज के रूप में उसकी बढ़ती भूमिका को रेखांकित करती है। साथ ही यह साझा वैश्विक चुनौतियों से निपटने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका को भी दर्शाती है।