अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोल दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि वह इस संभावित हस्ताक्षर समारोह में शामिल नहीं हो पाएंगे, जो संभवतः सप्ताहांत में यूरोप में आयोजित हो सकता है। ट्रंप के अनुसार, इस कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ शामिल हो सकते हैं।
इस बयान के बाद ईरान की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरानी संसद के स्पीकर और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अमेरिका जल्दबाजी में फैसले लेता है, तो इससे “कभी न खत्म होने वाली गंभीर स्थिति” उत्पन्न हो सकती है।
ट्रंप ने अपने बयान में यह भी कहा कि उन्होंने ईरान के खिलाफ प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई और बमबारी को रोक दिया है। उन्होंने दावा किया कि बातचीत में शामिल सभी प्रमुख पक्षों—जिनमें अमेरिका, इज़राइल, सऊदी अरब, यूएई, कतर, तुर्की, पाकिस्तान, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन, मिस्र और अन्य देश शामिल हैं—ने इस प्रक्रिया को मंजूरी दी है।
ट्रंप के मुताबिक, जब तक अंतिम समझौता औपचारिक रूप से पूरा नहीं हो जाता, तब तक समुद्री मार्गों पर कुछ प्रतिबंध लागू रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि समझौते के हस्ताक्षर का समय और स्थान जल्द ही घोषित किया जाएगा। एक टेली-रैली को संबोधित करते हुए ट्रंप ने यह भी घोषणा की कि अमेरिका ने ईरान के साथ युद्ध समाप्त कर दिया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे तनाव और समझौते को लेकर कई अहम बयान दिए हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त हो गया है और ईरान ने परमाणु हथियार न रखने पर सहमति जताई है, जो इस समझौते का मुख्य उद्देश्य था।
ट्रंप ने कहा, “मुझे नहीं पता कि आपने सुना या नहीं, लेकिन हमने आज (गुरुवार) ईरान के साथ युद्ध खत्म कर दिया है, और वे कभी भी परमाणु हथियार न रखने पर सहमत हो गए हैं।” उन्होंने दावा किया कि यही इस पूरे समझौते का सबसे बड़ा लक्ष्य था।
उन्होंने आगे कहा कि इस समझौते को लेकर बाजार में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली है और शेयर बाजार को यह डील पसंद आ रही है। ट्रंप के अनुसार, जल्द ही इस समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर भी किए जाएंगे।
ट्रंप ने यह भी बताया कि समझौता अंतिम रूप लेने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोल दिया जाएगा। उन्होंने इसे एक “बहुत मजबूत समझौता ज्ञापन (MoU)” बताते हुए कहा कि भले ही यह कुछ हद तक सैद्धांतिक हो, लेकिन यह निश्चित रूप से पूरा किया जाएगा।
उन्होंने दोहराया कि यह एक विस्तृत और महत्वपूर्ण MoU है, जो आगे चलकर पूरी तरह लागू होगा। साथ ही ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने परमाणु हथियार हासिल करने की सभी कोशिशों को हमेशा के लिए छोड़ने का वादा किया है।