उत्तराखंड में पूर्णागिरि माता के दर्शन के लिए जा रहे हजारों श्रद्धालुओं को उस समय परेशानी का सामना करना पड़ा, जब बाटनागाड़ क्षेत्र में अचानक जलस्तर बढ़ने और बाढ़ जैसे हालात बनने से उनका रास्ता बाधित हो गया। बताया जा रहा है कि करीब तीन से चार हजार श्रद्धालु मार्ग में फंस गए थे, जिसके बाद प्रशासन और पुलिस ने तुरंत राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
सूचना मिलते ही टनकपुर क्षेत्र की ठुलीगाड़ चौकी के प्रभारी हरीश कुमार, बूम चौकी प्रभारी संदीप पिलख्वाल और उनकी टीम मौके पर पहुंची। मेला मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में पुलिस और प्रशासन ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और फंसे हुए श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का कार्य शुरू किया।
बढ़े हुए पानी के बहाव को देखते हुए पुलिसकर्मियों ने विशेष सतर्कता बरतते हुए श्रद्धालुओं को एक-एक कर सुरक्षित पार कराया। करीब तीन घंटे तक चले इस अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी और किसी भी अप्रिय घटना को होने से रोका। प्रशासन की तत्परता के चलते सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाल लिया गया।
रेस्क्यू अभियान पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली और सुरक्षित तरीके से अपनी यात्रा आगे जारी रखी। अधिकारियों ने यात्रियों से मौसम और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील भी की है, ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी से बचा जा सके।