PM मोदी की मां से जुड़े AI वीडियो मामले में दिल्ली पुलिस की बिहार में जांच, कांग्रेस कार्यालय में लगाया नोटिस

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिवंगत मां से संबंधित कथित आपत्तिजनक AI वीडियो का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने जांच तेज करते हुए बिहार तक अपनी कार्रवाई का दायरा बढ़ा दिया है। रविवार को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की एक टीम पटना स्थित बिहार कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय सदाकत आश्रम पहुंची। यहां अधिकारियों ने करीब एक घंटे तक जांच-पड़ताल की और कार्यालय परिसर में नोटिस चस्पा किया। पुलिस की इस कार्रवाई को सोशल मीडिया पर कथित विवादित वीडियो साझा किए जाने की जांच से जोड़कर देखा जा रहा है।

बिहार कांग्रेस के सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट हुआ था वीडियो

जांच एजेंसियों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिवंगत मां से संबंधित कथित AI जनरेटेड वीडियो बिहार कांग्रेस के आधिकारिक एक्स हैंडल @INCBihar पर साझा किया गया था। इसी पोस्ट को लेकर दिल्ली पुलिस ने जांच शुरू की है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वीडियो किस व्यक्ति ने अकाउंट से अपलोड किया था और पोस्ट साझा करने के पीछे किन लोगों की भूमिका थी।

दिल्ली पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस स्पेशल सेल इस पूरे मामले की तकनीकी जांच कर रही है। अधिकारियों का जोर सोशल मीडिया अकाउंट के संचालन से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड जुटाने पर है। इसके तहत पोस्ट अपलोड करने में इस्तेमाल हुए मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य तकनीकी जानकारियों की पड़ताल की जा रही है।

अमित कुमार मंडल को 5 नवंबर को पेश होने का समन

इस मामले में दिल्ली पुलिस ने अमित कुमार मंडल को पूछताछ के लिए समन भेजा है। बताया जा रहा है कि वह बिहार कांग्रेस के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और आधिकारिक एक्स अकाउंट के संचालन से जुड़े हैं। पुलिस ने उन्हें 5 नवंबर 2026 को सुबह 11 बजे दिल्ली स्थित संबंधित कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया है।

समन में उनसे उन मोबाइल फोन और सिम कार्ड को साथ लाने के लिए कहा गया है, जिनका इस्तेमाल 1 जुलाई 2025 से अब तक पार्टी के आधिकारिक एक्स हैंडल @INCBihar को संचालित करने के लिए किया गया है। पुलिस इन उपकरणों के जरिए अकाउंट की गतिविधियों और संबंधित पोस्ट के डिजिटल रिकॉर्ड की जांच करना चाहती है।

डिजिटल रिकॉर्ड से जुड़े सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस

दिल्ली पुलिस की जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि विवादित वीडियो किस डिवाइस से अपलोड किया गया था। इसके अलावा अकाउंट तक किन लोगों की पहुंच थी और पोस्ट साझा करने के समय सोशल मीडिया हैंडल का संचालन कौन कर रहा था, इन पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्य और अन्य जरूरी जानकारियां जुटा रही है। 5 नवंबर को अमित कुमार मंडल से होने वाली पूछताछ के दौरान जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, वीडियो अपलोड करने वाले व्यक्ति और इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका को लेकर अभी अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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