उत्तराखंड के चमोली जिले में हुए हेलीकॉप्टर हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। जोशीमठ के पास शुक्रवार को हुए इस दर्दनाक हादसे में पायलट समेत छह लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान चलाया गया, जिसमें सभी छह शव बरामद कर लिए गए हैं। वहीं, घटना की गंभीरता को देखते हुए अब इसकी जांच विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AIB) को सौंप दी गई है।
हेलीकॉप्टर बदरीनाथ से ऋषिकेश के लिए रवाना हुआ था, लेकिन जोशीमठ के पास पहुंचते ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में जान गंवाने वालों में पायलट के अलावा पांच यात्री शामिल थे। बताया जा रहा है कि पांचों यात्री कर्नाटक के रहने वाले थे। इनमें बेंगलुरु पुलिस में तैनात 44 वर्षीय इंस्पेक्टर अरुण सालुंके भी शामिल थे।
तीन दिन पहले चार धाम यात्रा पर निकले थे दोस्त
अरुण सालुंके अपने चार दोस्तों के साथ चार धाम यात्रा पर उत्तराखंड पहुंचे थे। पांचों दोस्त करीब तीन दिन पहले यात्रा के लिए निकले थे और शुक्रवार शाम तक बेंगलुरु वापस लौटने की योजना थी। घर पर परिवार के सदस्य और दोस्त उनके लौटने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन इसी बीच हेलीकॉप्टर हादसे की खबर ने सभी को झकझोर दिया।
बताया जा रहा है कि हादसे से कुछ घंटे पहले ही समूह के एक सदस्य ने अपने बचपन के दोस्त से फोन पर बातचीत की थी। इस दौरान उसने बताया था कि वे हेलीकॉप्टर के अंदर मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे हैं। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उनकी आखिरी बातचीत साबित हो सकती है।
साथी की मौत पर जताया था दुख, खुद भी दुनिया को कहा अलविदा
अरुण सालुंके की मौत की खबर सामने आने के बाद उनके पुराने सोशल मीडिया पोस्ट की भी चर्चा हो रही है। बीते 28 अगस्त को उन्होंने इंस्टाग्राम पर सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) में तैनात अपने एक साथी के निधन पर शोक व्यक्त किया था। उन्होंने भावुक संदेश लिखते हुए कहा था, ‘बहुत जल्दी चले गए, भाई।’
विडंबना देखिए कि जिस साथी के निधन पर उन्होंने दुख जताया था, करीब एक महीने बाद खुद अरुण सालुंके भी इस दुनिया से चले गए। 44 साल की उम्र में उनका इस तरह असमय निधन परिवार, दोस्तों और पुलिस विभाग के लिए गहरा सदमा है।
AAIB करेगा हेलीकॉप्टर हादसे की जांच
हादसे के बाद दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू की जा रही है। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि हेलीकॉप्टर किन परिस्थितियों में दुर्घटनाग्रस्त हुआ। फिलहाल हादसे की असली वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है।
इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर सेवाओं की सुरक्षा और मौसम संबंधी परिस्थितियों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। चार धाम यात्रा पर निकले पांच दोस्तों की वापसी का इंतजार कर रहे परिवारों को अब उनके अपनों के लौटने की जगह उनकी मौत की खबर मिली है।