आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों के बीच चुनावी प्रक्रिया को लेकर नया घटनाक्रम सामने आया है। राज्य चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद 100 शहरी निकायों में चुनाव से जुड़ी गतिविधियों पर फिलहाल रोक लगा दी है। इस फैसले का असर 13 नगर निगमों और 87 नगरपालिकाओं व नगर पंचायतों पर पड़ेगा। मामला उन उम्मीदवारों की शिकायतों से जुड़ा है, जिन्होंने आरोप लगाया है कि कानून-व्यवस्था से संबंधित परिस्थितियों के कारण वे निर्धारित समय के भीतर अपना नामांकन दाखिल नहीं कर सके।
नामांकन को लेकर उठे सवाल, अदालत ने मांगा जवाब
आंध्र प्रदेश में शहरी निकाय चुनाव की प्रक्रिया के दौरान नामांकन दाखिल करने में कथित बाधाओं का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। इस मामले पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने राज्य चुनाव आयोग को निर्देश दिया कि वह प्रभावित उम्मीदवारों की शिकायतों पर विचार करे।
अदालत ने आयोग से यह भी तय करने को कहा कि जिन क्षेत्रों में उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने में परेशानी हुई, वहां आवेदन जमा करने की समय-सीमा बढ़ाना उचित होगा या नहीं। इस संबंध में निर्णय लेने के लिए आयोग को 22 अक्टूबर तक का समय दिया गया है।
उम्मीदवारों की सूची जारी करने की तारीख बदली
चुनाव प्रक्रिया में आए इस बदलाव के कारण उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी करने का कार्यक्रम भी प्रभावित हुआ है। पहले यह सूची 21 अक्टूबर को जारी की जानी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे 26 अक्टूबर तक जारी नहीं करने का निर्देश दिया है।
अदालत का निर्देश ऐसे समय आया है, जब कुछ उम्मीदवारों ने नामांकन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और बाधाओं को लेकर अपनी शिकायतें सामने रखी हैं। अब इन शिकायतों की जांच के बाद ही आयोग आगे की प्रक्रिया को लेकर फैसला करेगा।
अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर होगा अगला फैसला
राज्य चुनाव आयोग ने बुधवार देर शाम जारी आदेश में बताया कि चुनावी प्रक्रिया पर रोक लगाने का निर्णय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को ध्यान में रखकर लिया गया है। आयोग ने जिला कलेक्टरों, जिला निर्वाचन अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों से संबंधित मामलों पर रिपोर्ट मांगी है।
इन रिपोर्टों के साथ उम्मीदवारों की ओर से दिए गए आवेदन, सहायक दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी विचार के दायरे में होंगे। सुप्रीम कोर्ट ने आयोग को इन सभी पहलुओं की जांच करने को कहा है, ताकि यह आकलन किया जा सके कि नामांकन दाखिल करने में आई कथित बाधाओं के मामले में क्या कदम उठाए जाने चाहिए।
आयोग ने संकेत दिया है कि संबंधित अधिकारियों से जानकारी मिलने के बाद गुरुवार को अगला आदेश जारी किया जाएगा। ऐसे में अब सबकी नजर आयोग के आगामी फैसले पर है। उसी के आधार पर स्पष्ट होगा कि प्रभावित क्षेत्रों में नामांकन के लिए अतिरिक्त समय दिया जाएगा या चुनाव की आगे की प्रक्रिया किस तरह संचालित होगी। फिलहाल, आंध्र प्रदेश के 100 शहरी निकायों में चुनावी प्रक्रिया अस्थायी रूप से रुकी हुई है।